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Saturday, July 17, 2021

ओबीसी को नीट परीक्षा में ऑल इंडिया मेडिकल कोटा के तहत आरक्षण मिले : दुल्हेपुरा

ओबीसी को नीट परीक्षा में ऑल इंडिया मेडिकल कोटा के तहत आरक्षण मिले : दुल्हेपुरा



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कुम्हार महासभा राजस्थान ने उठाई ओबीसी वर्ग के लाखों छात्र छात्राओं की आवाज प्रधानमंत्री को भेजा पत्र

दुल्हेपुरा ने केंद्र सरकार पर ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का लगाया आरोप

नई दिल्ली।नीट परीक्षा में ऑल इंडिया कोटा के तहत राज्यों की मेडिकल कॉलेजो में केंद्र सरकार की ओर से ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण नही देने के मामले को लेकर शनिवार को पिछड़े वर्गों के हक अधिकारों के लिए वर्षों से लगातार सँघर्ष करने वाले कुम्हार महासभा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष किशोर दुल्हेपुरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष को पत्र भेजकर नीट परीक्षा 2021 में ऑल इंडिया मेडिकल कोटा के तहत राज्यों की मेडिकल कॉलेजो में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण देने की मांग की हैं।

किशोर दुल्हेपुरा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया 13 जुलाई को भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओर से नीट परीक्षा 2021 आयोजित करवाने के लिए एक विज्ञप्ति जारी की गई हैं विज्ञप्ति में कहा गया कि ऑल इंडिया कोटा के तहत राज्य के मेडिकल कॉलेजों में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को नीट परीक्षा में राज्य स्तर पर आरक्षण नही दिया जाएगा।इस नोटिफिकेशन के अनुसार देश भर के लगभग 11 हजार पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को डॉक्टर बनने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है।राज्यों के मेडिकल संस्थानो में ओबीसी को आरक्षण नही देना संविधान के 93 वें संशोधन का सीधा सीधा उल्लंघन हैं।जैसा कि सर्वविदित हैं


ओबीसी रिजर्वेशन संविधान के भाग 16 व अनुच्छेद 340 के आधार पर मंडल आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों से लागू हुआ था।मंडल कमीशन की ओर से भारत भर में तैयार की गई सर्वे रिपोर्ट यह पाया गया कि एससी एसटी वर्ग के अलावा भी देश मे ऐसी वंचित जातियां हैं जिनकी सामाजिक शैक्षणिक आर्थिक स्थिति अच्छी नही हैं।इन परिस्थितियों को मध्य नजर रखते हुए केंद्र की तत्कालीन वीपी सिंह सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग(ओबीसी) को केंद्रीय सूची में 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था।अब केंद्र की वर्तमान सरकार द्वारा लिए गए इस संविधान विरोधी फैसले से सम्पूर्ण देश के ओबीसी समुदाय में भारी रोष व्याप्त हैं।


जबकि गत वर्ष मद्रास हाईकोर्ट ने भारत सरकार को ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए एक कमेटी बनाने का आदेश दिया गया था।हाईकोर्ट के आदेश पर कमेटी गठित कर दी गई थी लेकिन कमेटी की सिफारिश पर ओबीसी कोटा लागू करने की जगह रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी गई।इस रिपोर्ट पर 2015 से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही हैं।रिपोर्ट को लागू करने के बजाय उसको सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने से केंद्र सरकार की ओबीसी वर्ग को आरक्षण न दिए जाने की मंशा साफ साफ जाहिर हो रही हैं।


सरकार के इस रवैये की वजह से 2017 से अन्य पिछड़े वर्ग के हजारों छात्र छात्राओं को डॉक्टर बनने का सपना टूट चुका है।दुल्हेपुरा ने मांग करते हुए कहा देश मे लगभग 60 प्रतिशत जनसंख्या पिछड़े वर्ग की हैं केंद्र सरकार भारत पिछड़े वर्ग को हल्के में नही ले ओर जल्द से जल्द ओबीसी की जातिगत जनगणना करवाकर ओबीसी वर्ग को जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व भी दिया जाएं व ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के भविष्य को मध्य नजर रखते हुए ऑल इंडिया कोटा के तहत राज्य स्तर पर मेडिकल कॉलेजो में ओबीसी आरक्षण लागू किया जाएं।अन्यथा कुम्हार महासभा राजस्थान ओबीसी वर्ग के संगठनों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी।


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